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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का चौथा महीना – लकà¥à¤·à¤£, शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ और आहार
In this Article
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ अपेकà¥à¤·à¤¾ करें?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में सामानà¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
शिशॠका विकास
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में आहार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में जांच व परीकà¥à¤·à¤£
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ संकेत
होने वाले पिता के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
माठबनने का मतलब जीवन में ढेर सारी खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करना है, मातृतà¥à¤µ की इस यातà¥à¤°à¤¾ में अनेकों उतार-चà¥à¤¾à¤µ और बहà¥à¤¤ सारे पड़ाव आते हैं। बà¥à¤¤à¥‡ शिशॠके अनà¥à¤•ूल शरीर में अधिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ आते हैं और इसके कई संकेत धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ हैं।
माता-पिता होने के नाते आपके लिठआगे की योजना बनाना बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है और आपको आने वाले शिशॠकी खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकà¥à¤› सावधानियों का à¤à¥€ खयाल रखना ज़रूरी है।
à¤à¤• आदरà¥à¤¶ माता-पिता बनने में कà¥à¤› निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सà¥à¤à¤¾à¤µ व संकेत आपकी मदद कर सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
कहा जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही सबसे कठिन होती है और आपने मातृतà¥à¤µ की यातà¥à¤°à¤¾ के पहले तीन महीने पूरे कर लिठहैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने के लकà¥à¤·à¤£, कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शिशॠके बà¥à¤¨à¥‡ के कारण मलाशय की नसों में दबाव पड़ता है और इस वजह से कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ बवासीर व अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पीड़ा का अनà¥à¤à¤µ करती हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को नहीं होती है किंतॠकà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ इसका अनà¥à¤à¤µ जरूर करती हैं ।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण आपके मसूड़े अधिक नरà¥à¤® और संवेदनशील हो जाते हैं जिस वजह से कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के मसूड़ों से खून आता है और अकà¥à¤¸à¤° बà¥à¤°à¤¶ करते समय यह खून देखा जा सकता है। आमतौर पर यह लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद नहीं दिखता है।
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दबाव होने के कारण आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण कई महिलाओं को सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠको अधिक जगह देने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बà¥à¤¤à¤¾ है और यह वृदà¥à¤§à¤¿ आस-पास के आवरण व अंगों पर अधिक दबाव डालती है ।
ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठसीने में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ में कमी के कारण ही यह समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठअधिक से अधिक पानी पिà¤à¤‚ और à¤à¤• बार में बहà¥à¤¤ सारा à¤à¥‹à¤œà¤¨ न खाà¤à¤‚ । à¤à¤¸à¤¾ करने से शरीर को à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचाने में सरलता होती है ।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कई बदलाव होते हैं। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण कई महिलाओं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में दाग हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ समय पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ की देखà¤à¤¾à¤² के लिठमॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¥›à¤° का उपयोग करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान निपà¥à¤ªà¤² और उसके आस-पास का घेरा गहरे रंग का हो जाता है और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की नसें à¤à¥€ अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दिखाई देती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान 4 महीने का शिशà¥, माठके शरीर में हो रहे अनेक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का कारण बन सकता है, नकसीर उनमें से à¤à¤• है। रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संकेत नहीं रहा है लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, कà¥à¤› महिलाओं को नाक में हलà¥à¤•े सà¥à¤°à¤¾à¤µ का अनà¥à¤à¤µ होता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने के लिठशरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में रकà¥à¤¤ निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किठजाने के कारण होता है। यदि यह समसà¥à¤¯à¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• समय तक रहती है, तो कृपया डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ अपेकà¥à¤·à¤¾ करें?
तीसरा महीना पूरà¥à¤£ होने के बाद आपकी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•, शारीरिक और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विशेषताओं में बहà¥à¤¤ बदलाव आते है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• देखà¤à¤¾à¤² और चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जांच शामिल होती है। इस महीने में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित चीजें होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है:
डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके विकास को जानने के लिठà¤à¤• अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की सलाह देते हैं।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ जांघो पर पतली, लाल रंग की रेखाओं को देख सकती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वैरिकाज़ नसें à¤à¥€ कहा जाता है, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यह रेखाà¤à¤‚ पहले हलà¥à¤•ी और फिर पूरी तरह गायब हो जाती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस महीने में आपका पेट à¤à¤• ख़रबूज़े के आकार का होता है।
मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस या मतली खतà¥à¤® हो जाती है, लेकिन आप अà¤à¥€ à¤à¥€ थकान और चिड़चिड़ापन महसूस कर सकती हैं।
आपकी à¤à¥‚ख में परिवरà¥à¤¤à¤¨ आता है किनà¥à¤¤à¥ आपके और शिशॠके अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लेना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में शारीरिक बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बदलाव पेट का आकार होता है, किनà¥à¤¤à¥ बाहरी बदलाव के साथ-साथ शरीर के अंदर à¤à¥€ कà¥à¤› बदलाव होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बà¥à¤¨à¥‡ पर आप अपनी पीठ, जांघों और पेट व कमर के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ महसूस कर सकती हैं, यह दरà¥à¤¦ अगले 5 महीनों तक रहेगा।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों के कारण महिलाओं के सà¥à¤¤à¤¨ का आकार और पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है।
शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° होने से पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी हो जाती है और यह कबà¥à¥› कà¥à¤› महिलाओं में कबà¥à¥› का कारण à¤à¥€ बनती है ।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शिशॠकी वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ व मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में à¤à¥€ दबाव बà¥à¤¤à¤¾ है और इसी वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में मूतà¥à¤° की आवृति और रिसाव होना à¤à¤• आम बात है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ अपने हाथों में à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ या कारà¥à¤ªà¥‡à¤² टनल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का अनà¥à¤à¤µ करती हैं, यह मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ कलाई के आस-पास के ऊतकों में सूजन के कारण होता है और सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद यह समसà¥à¤¯à¤¾ ठीक हो जाती है ।
शारीरिक रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ होने के कारण टांगों की नसें मोटी हो जाती हैं और इसे वैरिकॉज़ वेनà¥à¤¸ (नसें) à¤à¥€ कहा जाता है, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यह समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ ठीक हो जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाचन धीमा होने से सीने में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होने से योनि सराव में बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ होती है जो शिशॠको पोषित करता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में सामानà¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी और आपके साथी की अनेक चिंताà¤à¤‚ होती हैं जो आपको परेशान कर सकती हैं, इस बारे में सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से चरà¥à¤šà¤¾ अवशà¥à¤¯ करें।
कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में à¤à¥‚ख बà¥à¤¨à¥‡ के कारण वजन बà¥à¤¤à¤¾ है, à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माठअपने साथ-साथ शिशॠको पोषित करती है और यह पोषण आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¥€ होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में आपकी पसंद में बदलाव आ सकता है, कà¥à¤› चीजों को आप बहà¥à¤¤ पसंद करेंगी और कà¥à¤› चीजें होंगी जिनसे आपको चिड़चिड़ाहट à¤à¥€ हो सकती है।
इस दौरान सीने में जलन और कबà¥à¥› à¤à¤• सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है, आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ने पर इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° टेटनस का टीका à¤à¥€ लगवाने की सलाह देते हैं – पहला टीका 3 महीने के à¤à¥€à¤¤à¤° और दूसरा टीका डिलीवरी से 1 महीने पहले लगाया जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संà¤à¥‹à¤— करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है किनà¥à¤¤à¥ यदि आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कोई खतरा है या पहले कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो चà¥à¤•ा है तो इस दौरान संà¤à¥‹à¤— की सलाह नहीं दी जाती है, इस बारे में कोई à¤à¥€ निरà¥à¤£à¤¯ लेने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर लें।
शिशॠका विकास
शिशॠका विकास
जैसे आप अपने शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को अनà¥à¤à¤µ करती हैं, वैसे ही आपके शरीर के अंदर à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित हो रहा होता है और सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤° रहा है।
कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ बातें :
à¤à¥à¤°à¥‚ण अब à¤à¤• इंसान की तरह दिखने लगता है, उसमें कान, नाक, आà¤à¤–, बाल और मà¥à¤–ाकृति विकसित होने लगते है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में बाल, à¤à¥Œà¤‚हें व पलकें à¤à¥€ विकसित होने लगते हैं।
17वें हफà¥à¤¤à¥‡ में शिशॠकी लंबाई लगà¤à¤— 13.1 सेमी. (5 इंच) हो जाती है।
शिशॠके अपने अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ उंगलियों के निशान होते हैं।
इस हफà¥à¤¤à¥‡ में शिशॠगरà¥à¤ में हलचल करने लगता है और लात à¤à¥€ मारना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है।
शिशॠकी पूरà¥à¤£ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पतले बालों से ढकी होती है, इसे गरà¥à¤à¤°à¥‹à¤® (लानूगो) à¤à¥€ कहते हैं।
कान, विकसित होने के कारण शिशॠबाहर की आवाजें सà¥à¤¨ सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस महीने तक à¤à¥à¤°à¥‚ण की पूंछ पूरà¥à¤£à¤¤à¤ƒ गायब हो जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की इस बेहतरीन यातà¥à¤°à¤¾ के अंत में à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠके लिठतीसरी तिमाही में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ ही à¤à¤• माठको खà¥à¤¦ की खास देखà¤à¤¾à¤² करने की ज़रूरत है, चौथे महीने में आइठजानते हैं कि इस दौरान कà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ न करें: ।
कà¥à¤¯à¤¾ करें?
माठऔर गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पोषण की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, इसलिठयह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप आहार में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विटामिन का सेवन कर रही हैं। यदि आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन नहीं मिल पा रहा है तो सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दिनों में अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ रखें, नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें, योग के लिठजाà¤à¤‚ और जितना हो सके पैदल चलें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गतिशीलता में मदद मिलती है।
à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद लें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस यातà¥à¤°à¤¾ में आपके साथ à¤à¤• और जीवन है और आपका शरीर दो लोगों के लिठकारà¥à¤¯ कर रहा है इसलिठआप 7-8 घंटे की पूरी नींद लें व à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करें।
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करें, मछली ओमेगा 3 व अनà¥à¤¯ खनिजों से परिपूरà¥à¤£ होती है इसलिठइसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से साफ करके पकाà¤à¤‚ और साथ ही यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि मछली ताज़ी हो।
आपके और आपके साथी के बीच अंतरंगता होना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है इसलिठसंà¤à¥‹à¤— करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• साहसिक कारà¥à¤¯ के लिठतैयार हो रहा है, लेकिन पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर लें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप फà¥à¤²à¥‚ का टीका लगवाà¤à¤‚, ताकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आप किसी à¤à¥€ बीमारी के संपरà¥à¤• में न आà¤à¤‚।
वज़न बà¥à¤¨à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है, लेकिन सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार सेवन कर रही हैं और समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ से अपना वज़न बà¥à¤¾à¤à¤‚।
मसूड़ों में खून बहने व अनà¥à¤¯ संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचने के लिठनियमित रूप से जांच करवाà¤à¤‚ और दंत-चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह लें।
कà¥à¤¯à¤¾ न करें?
बहà¥à¤¤ अधिक कैफीन न लें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शिशॠके हृदय गति बढ़ सकती है।
यदि आपके पास पालतू जानवर है तो उसकी सफाई खà¥à¤¦ न करें इससे आप सूकà¥à¤·à¥à¤® कीटाणॠव हानिकारक कीटाणà¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में आ सकती हैं।
आपके लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ का वातावरण अनà¥à¤•ूल नहीं है इसलिठगरà¥à¤® टब या सौना में न बैठें ।
हानिकारक कीटाणà¥à¤“ं व बीमारियों से बचने के लिठबाहर का मांसाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ न खाà¤à¤‚।
शराब न पिà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे à¤à¥à¤°à¥‚ण में à¤à¥à¤°à¥‚ण मदà¥à¤¯ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤«.à¤.à¤à¤¸.) विकसित हो सकता है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने वाली माà¤à¤‚ कम वज़न के शिशॠको जनà¥à¤® दे सकती हैं और उनके विकलांग होने का खतरा à¤à¥€ अधिक बॠसकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में आहार
आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठबेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं। अगर à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माठअपने साथ-साथ शिशॠको à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार का सेवन करती है तो वज़न बà¥à¤¨à¥‡ की चिंता बिलकà¥à¤² à¤à¥€ नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ अपने आवशà¥à¤¯à¤• अंगों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठज़रूरी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट जैसे विटामिन डी के बारे में सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से सलाह अवशà¥à¤¯ लें। आहार को सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रखने के लिठउसे घर पर ही पकाà¤à¤‚ और इसमें अनाज, फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ शामिल हो सकती हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨, जैसे मछली और चिकन का सेवन à¤à¥€ किया जा सकता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण के सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® विकास को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ मांà¤à¤‚ अपने आहार में उपरोकà¥à¤¤ 3 चीजों को शामिल कर सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने में जांच व परीकà¥à¤·à¤£
अपना और शिशॠका अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठचौथे माह में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अधिक बार मिलें, इस दौरान मà¥à¤–à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ और जांच कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
शारीरिक जांच – सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž आपके गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग, जैसे योनि, सà¥à¤¤à¤¨ व पेट की जांच करेंगी ।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤•ैन – अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में परिवरà¥à¤¤à¤¨ देखने के लिठकिया जाता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण के दिल की धड़कन – डॉपलर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह जांच करता है कि शिशॠके दिल की धड़कन बहà¥à¤¤ धीमी या बहà¥à¤¤ तेज़ तो नहीं है।
à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ टेसà¥à¤Ÿ – डॉकà¥à¤Ÿà¤° टांगों, टखनों और पैरों में सूजन की जांच करता है। असामानà¥à¤¯ सूजन पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾, गरà¥à¤à¤•ालीन मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•े का संकेत दे सकती हैं।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ संकेत
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में कà¥à¤› असामानà¥à¤¯ संकेत होते हैं जिनमें महिलाओं को अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सावधानी बरतने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित संकेत इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
संà¤à¥‹à¤— के बाद यदि आपको रकà¥à¤¤ सराव होता है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
यदि साधारण दिनों में à¤à¥€ आपको मासिक धरà¥à¤® के समान रकà¥à¤¤ सराव होता है तो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ या असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) का खतरा हो सकता है।
खासकर उलà¥à¤Ÿà¥€ या मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान आप कà¥à¤› खा नहीं पा रही हैं तो यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
इस माह तक आपका शिशॠसकà¥à¤°à¥€à¤¯ हो जाता है इसलिठयदि गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी गतिविधि कम हो जाती है तो यह चिंता का विषय है ।
तीसरी तिमाही में बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ संकà¥à¤šà¤¨ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ने लगेगा।
यदि आपके गरà¥à¤ में थैली जलà¥à¤¦ ही फट जाती है तो यह चिंता का कारण है।
यदि आपको लगातार पेट व सिर में दरà¥à¤¦ हो रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच करवाà¤à¤‚।
यदि आपको लगातार फà¥à¤²à¥‚ (बà¥à¤–ार, सरà¥à¤¦à¥€ या खाà¤à¤¸à¥€) है जो जलà¥à¤¦ ठीक नहीं हो रहा है तो यह चिंताजनक बात है।
होने वाले पिता के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
जैसे-जैसे माठके अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है, पिता को à¤à¥€ कई चीज़ों को समà¤à¤¨à¤¾ और उनका हल निकालना पड़ता है। पिता बनना à¤à¥€ समान रूप से à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ यातà¥à¤°à¤¾ है और इस रासà¥à¤¤à¥‡ में यह कà¥à¤› सलाह है, जो मददगार होंगी।
1. सही संतà¥à¤²à¤¨
जब à¤à¥€ काम और घर, दोनों को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ में और नवजात शिशॠके लिठतैयारी करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाà¤, तो विराम ले लें। à¤à¤¸à¥‡ में अà¤à¤¿à¤à¥‚त महसूस करना ठीक है, पर उस ऊरà¥à¤œà¤¾ को सही दिशा में ले जाना और शांत करना à¤à¥€ उतना ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। खà¥à¤¦ को आराम देने से आप सही संतà¥à¤²à¤¨ पा सकेंगे।
2. परिवार पहले आता है
कोई फ़रà¥à¤• नहीं पड़ता कि काम पर कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है, परिवार की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता हमेशा सबसे पहले होती है। इन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पलों को न खोà¤à¤‚, पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करके अपने जीवन साथी और अपने बचà¥à¤šà¥‡ के साथ समय बिताà¤à¤‚। आप कà¤à¥€ अपने जीवन में अफ़सोस नहीं करेंगे कि जो आप कर सकते थे उसमें चूक गà¤à¥¤
3. आपसी बात-चीत
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के आने पर बहà¥à¤¤ सी चीज़ें बदल जाती हैं। इसलिठजब आप पिता बनने वाले हो, तो अपनी पतà¥à¤¨à¥€ से खà¥à¤² के अपने विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करें, जिससे बचà¥à¤šà¥‡ के आने पर आप आपस मेल बिठा सकें। इन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ महीनों के दौरान अतिरिकà¥à¤¤ धैरà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ बनें और देखà¤à¤¾à¤² करें और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ बनाठरखने के लिठघूमने जाà¤à¤‚ और साथ में समय बिताà¤à¤‚ ।
4. अनà¥à¤¯ पिताओं से बात करें
अनà¥à¤¯ पिताओं के साथ ऑनलाइन या ऑफ़लाइन नेटवरà¥à¤• बनाà¤à¤‚ और अपने शिशॠकी बेहतर देखà¤à¤¾à¤² करने के तरीकों को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठबातचीत करें।अपने डर, चिंताओं और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर चरà¥à¤šà¤¾ अवशà¥à¤¯ करें और अनà¥à¤¯ पिताओं से सà¥à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
अब “गोद à¤à¤°à¤¾à¤ˆâ€ की तैयारी शà¥à¤°à¥‚ करने का समय है, कई महिलाà¤à¤‚ कहती हैं कि पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की यातà¥à¤°à¤¾ में यह सबसे खà¥à¤¶à¥€ का समय होता है। चौथा महीना पूरà¥à¤£ होने के बाद à¤à¤• माठजनà¥à¤® देने के à¤à¤• कदम और करीब आ जाती है।
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